उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने योग गुरु रामदेव द्वारा संचालित एक कंपनी को स्थानीय किसानों और समुदायों के साथ अपने लाभ का प्रतिशत साझा करने का निर्देश दिया है।
उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड (UBB) के खिलाफ दिव्य फार्मेसी की एक याचिका को खारिज करते हुए निष्पक्ष और न्यायसंगत लाभ-बंटवारे (FEBS) के प्रावधानों को बरकरार रखते हुए आदेश दिया।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि यह एक तथ्य है कि जैविक संसाधन मुख्य घटक और कच्चे माल का निर्माण करते हैं जो आयुर्वेदिक और पोषक उत्पादों के निर्माण में शामिल हैं। इसने फार्मेसी को कच्चे उत्पाद के किसानों के साथ अपने लाभ को साझा करने का आदेश दिया।
7 सितंबर, 2018 को आरक्षित किए इस लैंडमार्क निर्णय को 21 दिसंबर तक किया गया था, लेकिन इसकी काॅपी गुरुवार को उपलब्ध कराई गई थी।

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